सलमान खुर्शीद भारत सरकार में भूूूतपूर्व विदेशमन्त्री के साथ- साथ पन्द्रहवीं लोकसभा के मनमोहन सिंह मन्त्रिमण्डल में सहकारी एवं अल्पसंख्यक मामलों के भी मन्त्री रह चुके हैं। उनको कुछ लोगों द्वारा भारतीय राजनीतिज्ञ, नामित वरिष्ठ अधिवक्ता, प्रख्यात लेखक और कानूनी शिक्षक भी कहा जाता है। इससे पहले वह फर्रुखाबाद लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से 10 वीं लोकसभा के लिये चुने गये थे। उन्होंने 1981 में प्रधानमन्त्री कार्यालय में एक विशेष अधिकारी के रूप में इन्दिरा गाँधी के प्रधानमन्त्रित्व काल में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत किया। सलमान खुर्शीद को प्रियंका गाँधी के राजनीति में आने के बाद इस बार कांग्रेस के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। उनका कहना है कि प्रियंका के सक्रिय राजनीति में आने से लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भर गया है और पार्टी पर इसका ‘अहम प्रभाव\’ होगा? कभी कांग्रेस के आका परिवार की चाकरी से प्रसन्न और कभी राजनीतिक असफलता से निराशा के कारण अवसाद में भी दिखायी पड़ रहे हैं। शायद इसी कारण पेशे से वकील सलमान एक विवाद में भी घिरते भी नजर आ रहे हैं। इसी अवसाद के कारण राहुल और प्रियंका की कोशिशों पर अनेक बार पानी फेरते भी नजर आते हैं- रहे हैं पी चिदम्बरम और सलमान खुर्शीद। माता वैष्णो देवी के चरणों में हाजिरी लगाने आया हूँ। सितम्बर में वैष्णो देवी मन्दिर में चढ़ाई कर पहुँचे राहुल गाँधी पूरी तरह भक्ति भाव में नजर आए थे और इसे कांग्रेस की राजनीति का बदला रूप माना जा रहा था। यही नहीं प्रियंका गाँधी भी जब पिछले महीने काशी विश्वनाथ पहुँचीं तो माथे पर चन्दन, हाथों में तुलसी की माला लिये दिखीं। राहुल और प्रियंका के मंदिरों के दौरे को कांग्रेस की सॉफ्ट हिन्दुत्व की राजनीति से जोड़कर देखा गया।
लोकसभा 2014 की लोकसभा के चुनाव में कांग्रेस की करारी हार की समीक्षा के लिये बनी एंटनी समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि बहुसंख्यसकों के बीच पार्टी की हिंदू विरोधी छवि का प्रचार हुआ, जो पार्टी को भारी पड़ा। इसके बाद से ही कांग्रेस लगातार प्रयत्न करती रही है कि वह कहीं से भी ऐसे किसी मुद्दे को लेकर न फँसे, जो उसे बहुसंख्यक समाज के विरोधी के तौर पर प्रचारित करने का मौका भाजपा को दे दे। यही वजह थी कि राम मन्दिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर कांग्रेस कोई स्टैण्ड नहीं ले पायी। इसके अलावा आर्टिकल 370 हटाने को लेकर भी तीखा विरोध नहीं दिखा। हिन्दुत्व की इस्लामिक स्टेट से तुलना पर कांग्रेस में भी मतभेद था और है। बीते कुछ दिनों के घटनाक्रम ने राहुल और प्रियंका की कोशिशों पर पानी फेरने जैसा काम किया है। राम मंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर लिखी गई कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद की पुस्तक के विमोचन के दौरान दिग्विजय सिंह ने वीर सावरकर को लेकर कहा कि वह बीफ खाये जाने के खिलाफ नहीं थे। यही नहीं पी चिदंबरम ने तो सीधे राम मंदिर पर शीर्ष अदालत के फैसले पर ही सवाल खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने भले ही इस फैसले को स्वीकार कर लिया था, लेकिन यह सही नहीं था। यही नहीं इस पुस्तक में ही खुर्शीद ने हिंदुत्व की तुलना इस्लामिक स्टेट और बोको हराम से कर दिया। जबकि कांग्रेस के ही सीनियर नेता गुलाम नबी आजाद ने इसे गलत बताया और कहा कि इस्लामिक स्टेट से हिंदुत्व की तुलना नहीं की जा सकती। यह विवाद थमा भी नहीं था कि अब मणिशंकर अय्यर ने मुगल शासकों की तारीफ कर नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने अकबर और बाबर जैसे शासकों की तारीफ करते हुए अय्यर ने कहा कि आज देश में ऐसे लोगों की सत्ता है; जो 80 फीसदी लोगों को ही भारतीय मानते हैं! यूपी चुनाव से ठीक पहले सलमान खुर्शीद की पुस्तक, दिग्विजय सिंह और पी. चिदंबरम के बयानों और मणिशंकर अय्यर की टिप्पणी कांग्रेस पर भारी है। ऐसे में यह सवाल जरूर उठता है कि क्या राहुल गांधी और प्रियंका की सॉफ्ट हिंदुत्व की छवि पेश करने की कोशिशों को कांग्रेस के ये धो रहे हैं? अथवा प्रियंका एवं राहुल की हिन्दुत्व की छवि नहीं बना पा रहे हैं।
अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस शानदार प्रदर्शन के लिए लगातार कोशिशों में जुटी हुई है, लेकिन पार्टी के शीर्ष नेताओं की ओर से विवादित टिप्पणी पार्टी के प्रयासों पर पानी फेरती नजर आ रही है। सलमान खुर्शीद के बाद अब राशिद अल्वी ने कहा-राम का नाम लेने वाले लोग निशाचर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी एक वीडियो में वह यह कहते हुए सुने जा रहे हैं, ‘जो लोग जय श्री राम का नारा लगाते हैं वो सब मुनि नहीं हैं, वो निशाचर है। इसी वीडियो को भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी शेयर किया है। सलमान खुर्शीद की हिंदुत्व पर विवादित टिप्पणी
ऐसा नहीं है कि हाल के दिनों में सिर्फ राशिद अल्वी का ऐसा विवादित बयान सामने आया है। इसके ठीक पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने अपनी नई किताब में हिंदुत्व की तुलना आतंकी संगठनों आईएसआईएस और बोको हराम जैसे कट्टरपंथी समूहों से की थी। इस किताब में उन्होंने लिखा कि वर्तमान दौर में हिंदुत्व का राजनीतिक रुप, साधु-संतों के सनातन और प्राचीन हिंदू परंपरा को किनारे लगा रहा है। इस टिप्पणी को लेकर विवाद शुरू हो गया और बीजेपी की ओर से लगातार हमले किये गये। यही नहीं उनके खिलाफ इसके लिए केस भी दर्ज कर लिया गया। भारतीय जनता पार्टी ने इस टिप्पणी पर कहा- ‘हम लोग उन्हें बस यही कहना चाहते हैं कि अगर वो भारत की परम्परा से परिचित होते तो इस तरह की बात ना करते। कुरान की आयत का जिक्र करते हुये भाजपा ने कहा कि- भारत की संस्कृति को संजोने का काम करें, बांटने का नहीं। ईश्वर से प्रार्थना है कि ऐसे विचार रखने वाले लोगों को सद्बुद्धि दें।
डॉ कौस्तुभ नारायण मिश्र
